सरल शब्दों में

मान लीजिए कई लोग मिलकर पैसा जोड़ते हैं और उससे एक चालू टोल सड़क खरीदते हैं। सड़क से जो टोल की कमाई होती है, उसका बड़ा हिस्सा सबमें बाँट दिया जाता है। InvIT यही काम एक नियमों से बँधे ट्रस्ट के रूप में करता है।

InvIT का पूरा नाम है Infrastructure Investment Trust। इसके नियम SEBI ने सितंबर 2014 में बनाए (SEBI InvIT Regulations, 2014)।

इसमें कौन-कौन होते हैं

भूमिका काम
स्पॉन्सर वह कंपनी जो ट्रस्ट बनाती है और शुरुआत में अपनी सड़कें इसमें डालती है
ट्रस्टी SEBI में पंजीकृत डिबेंचर ट्रस्टी, जो यूनिट-धारकों की ओर से संपत्ति रखता है और मैनेजर पर नज़र रखता है
इन्वेस्टमेंट मैनेजर निवेश के फ़ैसले लेता है, खुलासे करता है और वितरण (डिस्ट्रिब्यूशन) घोषित करता है
प्रोजेक्ट मैनेजर सड़कों का रोज़ का काम संभालता है: टोल वसूली, रखरखाव

पैसा कैसे मिलता है

  • सड़कें आम तौर पर अलग-अलग कंपनियों (SPV) में होती हैं, जिनका मालिक ट्रस्ट होता है।
  • नेट डिस्ट्रिब्यूटेबल कैश फ़्लो (NDCF) का कम से कम 90% बाँटना ज़रूरी है।
  • सार्वजनिक InvIT को कम से कम हर छह महीने में एक बार वितरण घोषित करना होता है। कई InvIT हर तिमाही बाँटते हैं।
  • वितरण के हिस्से अलग-अलग होते हैं: ब्याज, लाभांश और कर्ज़ की वापसी। इन पर कर अलग-अलग लगता है। देखें InvIT पर कर।

ध्यान रखें

यूनिट की कीमत बाज़ार में ऊपर-नीचे होती है। टोल सड़क की रियायत (कंसेशन) एक तय अवधि के बाद ख़त्म हो जाती है, इसलिए वितरण का एक हिस्सा असल में आपकी अपनी पूँजी की वापसी हो सकता है। ज़्यादा "यील्ड" का मतलब हमेशा ज़्यादा रिटर्न नहीं होता।

भारत में पहला InvIT IPO IRB InvIT Fund का था, जो 5 मई 2017 को बंद हुआ।

केवल शिक्षा के लिए। यह निवेश, कर, कानूनी या लेखा सलाह नहीं है और किसी भी प्रतिभूति को खरीदने, बेचने या रखने की सिफ़ारिश नहीं है। नियम बदलते रहते हैं, कृपया मूल स्रोत देखें।

अंतिम समीक्षा: 25 अक्टूबर 2026 · Read in English (more detail) →