सरल शब्दों में

InvIT से मिलने वाले पैसे के अलग-अलग "रंग" होते हैं। हर रंग पर कर अलग है, क्योंकि कानून कहता है कि ट्रस्ट से मिली आय का स्वरूप वही रहता है जो ट्रस्ट के हाथ में था।

हिस्सा यूनिट-धारक पर कर
ब्याज आपकी आय में जुड़कर आपकी स्लैब दर से कर; TDS कटता है
लाभांश 1 अप्रैल 2026 से आम तौर पर कर-मुक्त (कराधान और अन्य विधि (संशोधन) अधिनियम, 2026)
कर्ज़ की वापसी मुख्य रूप से आपकी यूनिट की लागत घटाती है, जिससे बेचने पर कैपिटल गेन बढ़ता है

यूनिट बेचने पर

  • सूचीबद्ध यूनिट 12 महीने से ज़्यादा रखकर बेचें तो लंबी अवधि का लाभ: साल में ₹1.25 लाख से ऊपर के लाभ पर 12.5%।
  • 12 महीने या उससे कम: छोटी अवधि का लाभ, 20%।
  • ये दरें 23 जुलाई 2024 से लागू हैं।

उदाहरण

आपने ₹100 की दर से 1,000 यूनिट ख़रीदीं (लागत ₹1,00,000)। एक साल में प्रति यूनिट ₹12 मिले: ₹7 ब्याज, ₹1 लाभांश, ₹4 कर्ज़ की वापसी।

  • ₹7,000 ब्याज पर आपकी स्लैब दर से कर।
  • ₹1,000 लाभांश कर-मुक्त।
  • ₹4,000 कर्ज़ की वापसी से आपकी लागत ₹96,000 रह जाती है।

नया आयकर अधिनियम

1 अप्रैल 2026 से आयकर अधिनियम, 2025 लागू है। धाराओं के नंबर बदल गए हैं, इसलिए पुराने लेखों में दी गई धाराएँ (जैसे 115UA) नए क़ानून में अलग नंबर पर हैं। अपने कर सलाहकार से पुष्टि करें।

केवल शिक्षा के लिए। यह निवेश, कर, कानूनी या लेखा सलाह नहीं है और किसी भी प्रतिभूति को खरीदने, बेचने या रखने की सिफ़ारिश नहीं है। नियम बदलते रहते हैं, कृपया मूल स्रोत देखें।

अंतिम समीक्षा: 25 अक्टूबर 2026 · Read in English (more detail) →