सरल शब्दों में
राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल की दरें राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम, 2008 के तहत तय होती हैं, और हर साल महँगाई के हिसाब से बदलती हैं।
FASTag
- 15 फ़रवरी 2021 की आधी रात से FASTag अनिवार्य है।
- 15 नवंबर 2025 से, अगर गाड़ी पर चालू FASTag नहीं है, तो नकद देने पर दोगुना शुल्क लगता है, लेकिन UPI से देने पर 1.25 गुना।
सालाना पास (FASTag Annual Pass)
| बात | जानकारी |
|---|---|
| किसके लिए | निजी, ग़ैर-व्यावसायिक कार, जीप और वैन, जिन पर वैध FASTag हो |
| कितना चलेगा | एक साल या 200 टोल प्लाज़ा पार करने तक, जो पहले हो |
| कीमत | 15 अगस्त 2025 से ₹3,000; 1 अप्रैल 2026 से ₹3,075 |
| कहाँ से लें | Rajmarg Yatra ऐप या NHAI की वेबसाइट (नकली वेबसाइटों से सावधान रहें) |
सैटेलाइट से टोल (GNSS)
सितंबर 2024 में नियम बदले गए ताकि सैटेलाइट (GNSS) से दूरी के हिसाब से टोल लिया जा सके। जिन गाड़ियों के पास नेशनल परमिट नहीं है, उन्हें हर दिन, हर दिशा में पहले 20 किमी का टोल नहीं देना होता।
बिना रुकावट टोल (MLFF)
2026 में NH-48 के सूरत–भरूच हिस्से पर बिना बैरियर वाला (मल्टी-लेन फ़्री फ़्लो) टोल शुरू किया जा रहा है।
केवल शिक्षा के लिए। यह निवेश, कर, कानूनी या लेखा सलाह नहीं है और किसी भी प्रतिभूति को खरीदने, बेचने या रखने की सिफ़ारिश नहीं है। नियम बदलते रहते हैं, कृपया मूल स्रोत देखें।
अंतिम समीक्षा: 25 अक्टूबर 2026 · Read in English (more detail) →